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Slave Dynasty | Balban

Balban

  • Balban ascended the throne in 1266.
  • He broke the power of Chalisa. This was his greatest contribution towards the stability of the Delhi Sultanate.
  • He established the military department Diwan-i-Arz.
  • He took up the title of Zil-i-Ilahi(shadow of god) as he was highly influenced by Persian court model.
  • Kaiqubad , grandson of Balban ascended the throne and was the last ruler of Slave dynasty.

बलन 

  • बलबन 1266 में सिंहासन पर बैठा।
  • उसने चालीसा को समाप्त कर दिया। यह उनका सबसे बड़ा योगदान था।
  • उसने सैन्य विभाग दिवान-ए-अरज़ की स्थापना की।
  • उसने स्वयं के लिए ज़िल-ए-इलैही की पदवी (ईश्वर की छाया) ली, क्योंकि फ़ारसी अदालती पद्धति से वह अत्यधिक प्रभावित था।
  • बलवन का पोता कैकुबाद गुलाम वंश का अंतिम शासक था।

Slave Dynasty | Razia Sultan

Razia Sultan

  • Iltutmish had nominated his daughter Razia Sultan as his successor. But nobles put Ruknuddin Firoz on the throne.
  • Razia defeated Firoz and ascended the throne.
  • Razia Sultan was the first and the only Muslim woman who ever ruled India (1236-40).
  • Altunia killed Yaqut and imprisoned Razia. After this Razia married Altunia and they both marched towards Delhi.
  • In 1240, Razia was killed with Altunia in Kaithal (Haryana).
  • After Razia, Iltutmish’s third son Bahram Shah ascended the throne.

रजिया सुल्तान (Razia Sultan in Hindi)

  • इल्तुतमिश ने अपनी बेटी रजिया सुल्तान को अपने उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया था। लेकिन रईसों ने राजकुमार पर रुखनुद्दीन फिरोज को रखा।
  • रजिया ने फिरोज को हराया और सिंहासन पर कब्ज़ा कर लिया।
  • रजिया सुल्तान पहली और एकमात्र मुस्लिम महिला थी जिसने भारत पर शासन किया (1236-40)।
  • अल्तुनिया ने याकूत को मारकर और रजिया को कैद कर लिया। इसके बाद रजिया ने अलतुनिया से विवाह कर लिया और वे दोनों दिल्ली की तरफ आगे बढ़े।
  • 1240 में, राजिया एवं अल्तुनिया कैथल (हरियाणा) में मारे गए।
  • रजिया के बाद, इल्तुतमिश का तीसरा बेटा बहराम शाह सिंहासन पर बैठा।

Slave Dynasty | Iltutmish

Iltutmish

  • Shamsuddin Iltutmish was a slave of Qutubuddin Aibak.
  • He made Delhi as the capital in place of Lahore.
  • He introduced copper and silver coins.
  • He introduced Iqta System, in which his soldiers, officers and nobles were centrally paid and recruited.
  • He set up an officially nobility of slaves known as ‘Chahalgani or Chalisa.
  • He completed the construction of Qutub Minar which was started by Qutubuddin Aibak.

इल्तुतमिश (Iltutmish in Hindi)

  • शमसुद्दीन इल्तुतमिश कुतुबुद्दीन ऐबक का गुलाम था।
  • उसने लाहौर के स्थान पर दिल्ली को राजधानी बनाया।
  • उसने तांबे और चांदी के सिक्के चलाए।
  • उसने इक्ता प्रणाली की शुरुआत की, जिसमें सैनिकों एवं अधिकारियों की भर्ती एवं उनका भुगतान केन्द्रीय स्तर पर किया जाता था।
  • उसने आधिकारिक तौर पर दासों का संघ ‘चिहलगनी या चालीसा’ नाम से बनाया।
  • उसने कुतुब मीनार के निर्माण को पूरा कराया जिसकी शुरुआत कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा की गयी थी।