Polity Concept & Notes (Budget in Parliament)

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Polity Concept & Notes (Budget in Parliament)

Polity Concept & Notes (Budget in Parliament)

  • The term ‘budget’ has nowhere been used in the Constitution. The Constitution refers to the budget as the ‘annual financial statement’ that has been dealt in the Article 112 of the Constitution.
  • The budget is a statement of the estimated receipts and expenditure of the Government of India in a financial year, which begins on April 1 and ends on March 31 of the following year.
  • In addition to the estimates of receipts and expenditure, the budget contains the following elements:
  1. Estimates of the revenue and capital receipts;
  2. Ways and means to raise the revenue;
  3. Details of the actual receipts and expenditure of the closing financial year and the reasons for any deficit or surplus in the year; and
  4. Economic and financial policy of the coming year, i.e. taxation proposals, prospects of revenue, spending programs and introduction of new schemes or projects.

 

Till 2016, the Government of India had two budgets, namely, the Railway Budget and the General Budget. While the former consists of the estimates of receipts and expenditures of only the Ministry of Railways, the latter consists of the estimates of receipts and expenditures of all other ministries of the Government of India.

In August 2016, the Central Government decided to merge the railway budget into the general budget. For this purpose, the Finance Ministry has constituted a five-member committee comprising the officials of both the Ministry of Finance and Ministry of Railways to work out the modalities of the above merger.

The railway budget was merged into the general budget from 2017

 

Polity Concept & Notes (संसद में बजट)

  • शब्द ‘बजट’ का इस्तेमाल कहीं भी संविधान में नहीं किया गया है। संविधान बजट को वार्षिक वित्तीय विवरणके रूप में संदर्भित करता है जिसे संविधान के अनुच्छेद 112 में पेश किया गया है
  • बजट एक वित्तीय वर्ष में भारत सरकार के अनुमानित प्राप्तियां और व्यय का विवरण है, जो 1 अप्रैल को शुरू होता है और अगले वर्ष की 31 मार्च को समाप्त होता है।
  • प्राप्तियां और व्यय के अनुमान के अलावा, बजट में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं:

(i) राजस्व और पूंजी प्राप्तियों का अनुमान;

(ii) राजस्व बढ़ाने के उत्पाद और साधन;

(iii) अंतिम वित्तीय वर्ष के वास्तविक प्राप्तियां और व्यय का विवरण और वर्ष में किसी भी घाटे या अधिशेष का कारण; तथा

(iv) आने वाले वर्ष की आर्थिक और वित्तीय नीति, अर्थात् कराधान प्रस्ताव, राजस्व की संभावना, खर्च कार्यक्रम और नई योजना या परियोजनाओं पर होने वाला खर्च।

2016 तक, भारत सरकार दो बजट प्रस्तुत करती थी – रेल बजट और आम बजट। पहले बजट में रेल मंत्रालय के प्राप्तियां और व्यय के अनुमान शामिल होते थे, जबकि आम बजट में भारत सरकार के अन्य सभी मंत्रालयों के प्राप्तियां और व्यय का अनुमान होता था।

  • अगस्त 2016 में, केंद्र सरकार ने रेल बजट को आम बजट में विलय करने का निर्णय लिया। इस उद्देश्य के लिए, वित्त मंत्रालय ने एक पांच सदस्यीय समिति गठित की जिसमें वित्त मंत्रालय और रेल मंत्रालय दोनों के अधिकारियों का समावेश था ताकि उपरोक्त विलय की रूपरेखा तैयार की जा सके।
  • 2017 से रेल बजट का आम बजट में विलय कर दिया गया
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